हर गोत्र की अपनी एक पहचान है — प्रवर्तक ऋषि, वेद-शाखा, अटक (उपनाम) एवं कुलदेवी के साथ। अपना गोत्र या कुलदेवी नीचे खोजें।
कुल 22 गोत्र